Pcod kya hai | pcod kya hota hai

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पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम को सरल भाषा में (PCOS) कहते हैं. इसे पॉलीसिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर (PCOD) भी कहा जाता है. पिछले कई सालों में ये समस्या महिलाओं में बहुत तेजी से बढ़ रही है. अपको बता दें की  सिंतबर का महीना PCOS/PCOD जागरूकता के रूप में मनाया जाता है. PCOS/PCOD एक गंभीर हार्मोनल समस्या है जिसकी वजह से मेटाबॉलिक और प्रजनन से संबंधी समस्या आती है. PCOS/PCOD समस्या कई महिलाओं और लड़कियों में पाई जाती है और इसके बारे में बहुत कम लोगों को ही पता है.

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PCOD/POCS क्या होता है । 

PCOD क्या होता है-  PCOS  एक प्रकार की बिमारी है जिसमे  महिलाओं के शरीर में सामान्य की तुलना से बहुत अधिक हार्मोन्स बनते हैं. हार्मोन में इस असंतुलन के कारण से एक ओवुलेशन होता है जिसकी वजह से पीरियड्स नियमित नहीं रहते हैं. अपको बता दे आगे चलकर इससे प्रेग्नेंसी में भी समस्या आ जाती है. ज्यादातर ये 20 से 30 साल की उम्र की लड़कियों या महिलाओं में ये समस्या ज्यादा पाई जाती है.  PCOS का ओवरी पर बुरा असर पड़ता है जिसकी वजह से महिलाओं के प्रजनन अंग प्रभावित होते हैं. प्रजनन अंग ही शरीर में एस्‍ट्रोजन और प्रोजेस्‍टेरोन हार्मोन बनाता है जो पीरियड्स को संतुलित रखते है.

Full Form of pocs in hindi

पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम को सरल भाषा में (PCOS) कहते हैं

pcod meaning in hindi

PCOS  एक प्रकार की बिमारी है जिसमे  महिलाओं के शरीर में सामान्य की तुलना से बहुत अधिक हार्मोन्स बनते हैं

PCOD के लक्षण | PCOD Problem symptoms in hindi

 PCOS के लक्षण पहले मासिक धर्म के समय में विकसित होते हैं. कभी-कभी ये समस्या एक उम्र के बाद भी हो सकती है. जैसे कि उम्र के साथ वजन बढ़ने से भी यह समस्या हो सकती है. पीसीओएस के लक्षण हर महिलाओं में अलग-अलग होते हैं. 

क्या है इस के संकेत/ लक्षण | पीसीओडी के लक्षण क्या हैं 

अपको बता दे जिन लड़कियों में पीरियड्स की समस्या देखने को मिलती है उन्हीं लड़कियों को पॉली सिस्टिक ओवेरियन डिजीज (PCOD) की समस्या का सामना करना पड़ता है। कम उम्र के चलते ही इस समस्या का पता लग जाए तो इसे काबू में किया जा सकता है।

  1. PCOS के संकेत/ लक्षण
  2. वजन का बढ़ना 
  3. मासिक धर्म चक्र में  परिवर्तन
  4. थकान
  5. चेहरे व शरीर पर सामान्य से अधिक हेयर ग्रोथ होना
  6. बाल का पतला होना 
  7. pelvic pain होना
  8. मुंहासे  
  9. सिर मै दर्द 
  10. नींद की समस्या
  11. हाइ ब्लड प्रेशर
  12. मूड स्विंग आदि शामिल हैं
  13. इसके अलावा diabetes व दूसरे हॉर्मोन्स का असंतुलन भी इसके बढ़ने पर ही होते है। इस परिस्थिति मै ज़्यादा गंभीर होने पर महिला को pregnant होने में भी ज्यादा मुश्किल होती है। 
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अनियमित पीरियड्स- अनियमित या लंबे समय तक दर्द के साथ पीरियड्स का रहना  यह PCOS का सबसे आम संकेत है. जैसे, साल में 9 पीरियड्स से कम पीरियड्स का होना, दो पीरियड्स के बीच में 35 दिनों से ज्यादा का अंतराल और असामान्य रूप से भी बहुत ज्यादा पीरियड होना.

अतिरिक्त एण्ड्रोजन- महिलाओं में कई बार हार्मोन के असंतुलन (पुरुषों वाले हार्मोन के ज्यादा निकलने) की वजह से चेहरे और शरीर पर जरूरत से या पहले से ज्यादा बाल आने लगते हैं और कभी-कभी चेहरे पर बहुत मुंहासे भी होने लगते हैं. कभी-कभी गंजेपन की भी समस्या भी आ सकती है. ये सारे PCOS के संकेत हो सकते हैं.

पॉलिसिस्टिक ओवरी- इस स्थिति में ओवरी यानी अंडाशय बढ़ने लगते हैं जिसके वजह से एग के चारों तरफ फॉलिकल की संख्या बढ़ने लगती है और ओवरी सही से काम नहीं कर पाती है. मोटे लोगों में ये समस्या ज्यादा गंभीर हो जाती है.

किस वजह से होता है PCOS?

किस वजह से होता है PCOS. शरीर में इंसुलिन नाम का एक हार्मोन है। इंसुलिन  यह एक ऐसा हार्मोन है जिससे शरीर में पाचन तंत्र को  खा कर जो सुगर प्राप्त होती है यह उस शुगर को बनाने में मदद करता है. PCOS होने के बाद महिलाओं में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है जिस की वजह से शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगता हैं. इस दबाव की वजह से ओवरी पुरुषों वाले हार्मोंस निकालना शुरू कर देती है.

अनुवाशिंक- PCOS कोई  पहली बार या नया सिंड्रोम नहीं है, इसे आप आसानी से पहचाना जा सकतें है. अगर किसी भी परिवार में किसी को मोटापे और डायबिटीज की समस्या है तो उस परिस्थिति मैं PCOS होने की संभावना बढ़ जाती है. इसके अलावा मोटापे की वजह से शरीर में होने वाली सूजन भी इसका एक कारण है.

PCOS की वजह से होने वाली समस्याएं

PCOS की वजह से होने वाली मुख्य समस्या इनफर्टिलिटी होती है. कई बार मिसकैरिएज और प्रीमैच्योर बर्थ जैसी गंभीर दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता है  PCOS के कारण . इसके अलावा महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर,दिल संबंधी बीमारी, हाई ब्लड शुगर, स्ट्रोक, गर्भाशय का कैंसर और शरीर में होने वाले बदलावों की वजह से डिप्रेशन की समस्या आ सकती है.

घर पर कैसे करें PCOS का इलाज

घर पर कैसे करें PCOS का इलाज - लाइफस्टाइल में कुछ छोटे छोटे बदलाव कर इसे घर पर ही ठीक कर सकतें है. PCOS पर नियंत्रण पाने के लिए कार्बोहाइड्रेट  वाली डाइट को अपनाएं,  अपना वजन कम करें और रोज कम से कम 40 मिनट तक एक्सरसाइज जरुर करें.  अपको पता होगा की  वजन कम करने से डायबिटीज और दिल की बीमारी का खतरा भी कम होता है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी बहुत सही होता है. 

PCOS का मेडिकल ट्रीटमेंट

मेडिकल ट्रीटमेंट- PCOS की मेडिकल ट्रीटमेंट भी करा सकतें हैं. इसके ट्रीटमेंट के लिए डॉक्टर हार्मोन को संतुलित करने के लिए दवाएं देते हैं। तथा उन दवाइयों की वजह से पीरियड्स नियमित हो जाते हैं.  इनफर्टिलिटी की समस्या दूर करने के लिए ओवरी की सर्जरी भी की जाती है.

इन महिलाओं में होती है ज्यादा दिक्कत

Experts का कहना है कि PCOS की समस्या उन महिलाओं में ज्यादा देखने को मिल रही है, जो नाइट शिफ्ट अर्थात् रात को काम करती हैं। पूरी रात जागना और फिर देर रात खाना ऐसी लाइफस्टाइल उनकी सेहत को भारी नुकसान पहुंचा पहुंचती है। क्योंकि इस तरह के रुटीन से बायॉलजिकल क्लॉक डिस्टर्ब हो जाती है। जो इस दिक्कत को बढ़ाने में बड़ा रोल निभा सकती है।

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कैसे करें PCOS से बचाव? 

PCOS ठीक नहीं हो सकता, लेकिन आप इसके  साथ Healthy Food का सेवन अपनी जीवनशैली  मैं जोड़े और Daily Routine में थोड़े थोड़े बदलाव लाकर इसे रोका जा सकता है। 

  1. वज़न को कंट्रोल करें
  2. नियमित होकर Exercise करें
  3. घरेलू उपायों का उपयोग करें
  4. सही लाइफस्टाइल का चुनाव करें
  5. खान-पान का रखे ध्यान तथा स्वच्छ आहार ही खाएं।

PCOS से बचाव के लिए आपका डेली रुटीन हो ऐसा

  • जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि PCOS की समस्या हॉर्मोन्स से संबंधित है। इसलिए आप सब को अपनी जीवनसेली को इस तरह ववस्थित करना होगा कि हॉर्मोन्स का सीक्रेशन सही तरीके से होती रहें।
  • आप डायट का ध्यान रखें और मौसम के अनुसार ही स्वच्छ और हेल्थी खान-पान अपनाएं।
  • प्रकृति के साथ जुड़ें। यानी सुबह सुबह morning walk , Running करें और पार्क में टहलें। रोज सुबह जल्दी उठें एक्सर्साइज करें।
  • जीतना ज्यादा हो सके पानी पिएं और अच्छी  मोटिवेशनल किताबें पढ़ें। इससे तन और मन दोनों को शांत रखने में मदद मिलती है।

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PCOS से बचाव के लिए सुबह सुबह योग और मेडिटेशन करें।

एक्सपर्ट की राय

पॉलिसिस्टिक ऑवेरियन सिंड्रोम एक हॉर्मोनल डिसऑर्डर है, जो आमतौर पर युवा महिलाओं में देखा जाता है। इस समस्या के मुख्य कारण जेनेटिक और एंवायर्नमेंटल होते हैं। पीसीओडी की समस्या लाइफस्टाइल, खान-पान से जुड़ी आदतों, स्ट्रेस और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण भी हो सकती है। इस समस्या में मुख्य रूप से ओवरी के अंदर छोटी गांठ बन जाती है। इस कारण अनियमित पीरियड्स, शरीर पर बहुत अधिक बालों का उगना, मोटापा बढ़ना और लगातार ऐक्ने की समस्या रहना जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। - डॉक्टर नीति कौटिश, सीनियर कंसल्टेंट गायनोकॉलजी, फोर्टिस हॉस्पिटल (फरीदाबाद)


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